Bhoot wali Kahani

Bhoot Wali Kahani:- If you looking for Ghost story in Hindi and Bhooto ki Kahani in Hindi. This is the right place for Bhoot ki Kahani in Hindi. Here you can read New and Real Horror Story in Hindi with Images. You read the story in Hindi and English means you read it in both languages. You also check out other stories like children’s stories, Magical Stories. We also share with you Funny Whatsapp Jokes, Tik Tok Jokes in Hindi.

Bhoot Wali Kahani Hindi Mein

Many of us believe in ghosts and many people do not believe that even those who believe in ghosts want to see or read the story of ghosts, while non-believers search on the story of ghosts on Google and watch their videos on YouTube. I have brought you a readable story that you will like. This story is only for reading and enjoyment.

भूतनी का घर ( Read Bhoot Waki Kahani with Images )

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Bhoot wali kahani

एक दिशक शहर की बात है । जहा एक घर था जो बहुत पुराना था । वह घर कई लोगो ने खरीदा था । लेकिन उनका किसी न किसी घटना से मृत्यु हो जाती थी ।

एक दिन कबीर नाम का व्यक्ति उस घर को खरीद लिया वह भी बिलकुल सस्ते भाव मे और अपने बेटे राज के साथ रहने लगा ।

उसे घर खरीदे एक दो दिन ही हुआ कि कबीर को घर मे किसी की मोजुदगी मह्सुस होने लगी थी ।

तीसरे दिन ही एक बार राजने कहा :- पापा वाशरूम का नल अपने आप चालू होकर बंद हो गया । कबीर ने पूछा :- कोई था वहा पर ?

राज :- हा पापा एक साड़ी पहेनी औरत थी फिर राजने कहा पापा वो औरत आपके पिछे खड़ी हैं ।

कबीर :- अभी वो क्या कर रही है ।

राज :- वो आगे जा रही है ।

तब कबीर डर गया और राज के पास आ गया । उसी दिन कबीर एक कुता खरीद कर लाया । कुता भी घर आने के बाद यहा वहा भोकता था ।

भूतनी का घर की कहानी ( Bhoot wali Kahani in Hindi )

चौथे दिन खुब तेज बरसात होने लगा  और आँधी आ गयी थी ।

तब कबीर घर का दरवाजा खिड़की बंद कर दिया । उसी समय बिजली भी चली गई थी । घर मे वापस साड़ी वाली औरत का अनाजाना शुरू हो गया । कबीर डर से वापस खिड़की खोल दिया ।

और बाहर देखा तो सभी के घर बिजली था बस उसी के घर नही था । कबीर टॉर्च लेकर घर के निचे पावर हाउस मे गया तो उसके पीछे पीछे उसका कुत्ता भोकते – भोकते आने लगा ।

कबीर जेसे पावर हाउस का दरवाजा खोला तो उसे वहा एक डेडबॉडी दिखाई दिया । कबीर डर गया और तुरंत वहा से भागा और अपने बेटे राज को लेकर घर के दरवाजा बंद करके घर से भागना शुरू किया ।

बारिश बहुत तेज बरस रही थी कबीर अपने बेटे राज साथ बहार भागते – भागते कबीर का पैर एक खड्डे मे अटक गया ।

राज कबीर को निकलना चाहा लेकिन कोई उसे खिच रहा था । राज खुब कोशिश किया । निकाल नही पाया ।

कोई राज और कुत्ते को लेकर घर गई और दरवाजा बंद कर दिया ।

कबीर को निकलने मे पाँच मिनट लगा । वह वापस घर मे गया तो दरवाजा खुला था । कबीर राज और कुत्ते को खुब ढूँढा लेकिन उसे राज और कुत्ता कही भी नही दिखाई दिये । कबीर वही घर मे रहने लगा ।

एक कस्टमर कबीर का लोन पास करने कबीर के घर आया था । वह तुरंत भागा वहा से कबीर बाहर आकर पूछे :- क्यो भाई आप बाहर क्यो आये ।

कस्टमर :- आप के घर मे एक औरत एक लड़का और एक कुत्ता दिखाई दिया ।

Watch Bhoot wali Kahani in Video 

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डायनासोर का गुफा

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एक मिमसपुर नाम का बड़ा सा गांव था । गांव के दक्षिण ओर खुब घना जंगल था ।

उसी जंगल मे एक डरावना गुफा था । जिसमे एक उड़ने वाला डायनासोर रहा करता था ।

डायनासोर के मुँह से आग निकलता था और वह खुब भयानक दिखाई देता था ।

वह डायनासोर हर महिने गांव मे आता और बहुत से घरो को जलाकर राख करके जाता था ।

इसी प्रकार इस बार भी वह डायनासोर आया और ज्यादा गांवो को जला कर राख कर दिया । जिससे गांव मे बहुत बड़ा नुकसान हुआ ।

बहुत से खेत भी जला दिया था । सभी गांव वाले राजा के पास डायनासोर के बात को लेकर गए ।

राजा भी चाहता था कि डायनासोर को मारा जाये क्योकि उसने बहुत सारा नुकसान कर चुका था । राजा ने सैनिको को उस गुफा में लेकर गए ।

बारह सैनिक को तलवार लेकर गुफा के अंदर भेजे । दो सैनिक डायनासोर पर जैसे चाकू मारा कि डायनासोर जाग गया ।

और आग से जलाकर बारहो सैनिकों को भस्म कर दिया । राजा निष्फल होकर वापस आ गये । और मे दरबार मे हुक्म देते है

राजा :- जो डायनासोर को मारेगा मैं उसे दस हजार सोने की महोरे इनाम के रूप मे दुंगा ।

डायनासोर का गुफा की कहानी

गांव मे एक बुद्धिमान व्यकित रहता था । उसे इस बात का पता चला तो उसने राजा को एक युकित बताया कि हम लौहे को पिघलाकर उसका लार्वा बनायेंगे और उस लार्वे को  डायनासोर पर डालेगे ।

तो वह उडने की कोशिश करेगा और गुफा के उपर के पत्थरो से टकरायेगा ।

पत्थर उस पर गिरने से पत्थर से दब कर वह मर जायेगा । यह योजना राजा को सही लगा ।

राजा तुंरत सैनिक को हुक्म देकर लोहे को तैयार करवाया और गुफा से थोडी दुर राजा लोहे का लार्वा बनवाया ।

लार्वा तैयार होने से सैनिको ने मौका पाया और तुरंत लार्वा को ले जाकर उस डायनासोर पर फेक दिया ।

अचानक मे डायनासोर पर लोहे का लार्वा गिरने मे डायनासोर झटके मे उड़ा और गुफा के उपरी भाग से टकराकर गिर गया और गुफा के उपर का पत्थर गिरने लगा ।

सैनिक वहा से भाग निकले । पुरा गुफा का पत्थर उस डायनासोर पर गिर गया ।

ज्यादा बड़े – बड़े पत्थर गिरने से डायनासोर वही पर दबकर मर गया ।

इस प्रकार उस बुद्धिमान व्यकित का तरकीब सफल हुआ और डायनासोर भी मारा गया ।

राजाने उसे दस हजार सोने का महोर ईनाम के रूप मे दिये और उसे अपना मंत्री भी बनाया ।

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अंधेरे का भूत

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एक सिद्धपुर नाम का बड़ा गांव था । गाव मे सब खेती करने वाले सामान्य किसान रहा करते थे ।

गांव मे एक कच्चे और पूराने जंगली वृक्ष के पास एक भूत रहा करता था । लेकिन गांव वालो को इसके बारे मे पता नही था ।

वह भूत दिन मे गायब रहा करता था । परंतु जैसे रात होती थी । वह भूत तुरंत गांव मे जाता और गांववालो का खुब नुकसान करता था ।

जैसे कि किसी की गाय , भैस को छुड़ाकर भगाना, मारना, जबकि किसानो को सोने तक नही देता था और उन्हे केवल परेशान करता  था ।

सभी गांव वाले उस भूत से डरा करते थे । भूत के इस प्रकार के व्यवहारो से गांव मे हलचल मच गई । गांव वालो को तब पता चला जब भूत रात मे आकर परेशान करना शुरु किया ।

गाव वालो ने इस बात को लेकर सरपंच के पास गए और सरपंच ने इस मुद्दे को हल करने के बारे मे सोचा ।

दूसरे दिन सरपंच ने एक महान साधू बाबा को उस भूत को पकड़ने के लिये बुलाया ।

साधू बाबा उस पेड़ के पास, भूत को पकड़ना चाहा परंतु भूत उस साधू बाबा के हाथ आता ही नही था । साधू बाबा के कोशिश पर भी जब नही आ पाया तो

साधू बाबा ने गांव वालो से कहा :- इस भूत को रोशनी से डर लगता है । आप इसे रोशनी के सहारे खत्म कर सकते हो ।

गांव वालो ने साधू बाबा के बताये अनुसार योजना बनाये और सभी गाव वालो ने लाइट ले लिया और रात को योजना अनुसार सो गए 

अंधेरे का भूत की कहानी ( Real Bhoot Wali Kahani with Image )

रात को भूत पेड़ से निकलता है । और गाव के किसानो के पास जाता है ।

जैसे ही किसान को पता चलता है कि भूत आ गया वह तुरंत चिल्लाता है कि आ जाओ भूत आ गया ।

सभी गांव वाले तुरंत भूत को लाइट जलाकर रोशनी दिखाना शुरु कर देते है । भूत रोशनी के कारण खुब तेजी से भागता है ।

लेकिन गांव वाले उसे पकड़ कर रोशनी दिखाने लगते है । वह भूत कूछ कर नही पाता है ।

गांव वाले उसी के पेड़ मे भूत को बाँधकर पेड़ के साथ जला देते है ।

इस प्रकार भूत अपने पेड़ के साथ जलकर राख हो जाता है और खत्म हो जाता है ।

इस प्रकार गांव वाले भूत को मार डालते है ।

Most Horror Bhoot ki Kahaniya in Hindi

भूतिया सड़क ( Horror and Bhoot Wali Kahani in Hindi )

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एक मनकपुर नाम का गांव था गांव से व्यापारी माल का व्यापार शहर मे करने के लिये जाते थे लेकिन जाने के लिये केवल एक ही सड़क था ।

सड़क के दोनो तरफ बहूत घना और डरावना जंगल था । जंगल बहूत डरावना था इसलिये गांव वाले अकेले नही जाया करते थे ।

क्योकि वहा दिन – रात दोनो समय दुर्घटना ही होता रहता था जिसमे से ज्यादातर व्यापारी माल को बैलगाड़ी से लाते थे ।

रात के समय सड़क पर भूत दिखाई देते थे । और आने – जाने वालो को डराकर दुर्घटना द्वारा मार डालते थे ।

जो लोग बैलगाड़ी और छोटे वाहन से आते – जाते थे भूत उसे वही दुर्घटना कराकर मार डालते थे । ज्यादातर भूत लोग बैलगाड़ी को कार से टकरवाते देते है इससे दोनो की मौत हो जाया करती थी ।

भूतिया सड़क की कहानी

इस प्रकार दुर्घटना ज्यादा होने के कारण गांव वाले उस सड़क से आना ‌- जाना छोड़ दिये । गांव से शहर मे व्यापार होना रुक गया था ।

लेकिन उस सड़क से ज्यादा दुर दुसरा सड़क बनना शुरु हो गया था । गांव वाले दुसरे सड़क के बनने का इंतजार करने लगे । कुछ दिनो मे ही दुसरा सड़क बन गया ।

गांव वाले भूतिया सड़क को अपने तरफ से पुरी तरह से बंद कर दिया मतलब पेड़ और पत्थर को तोड़कर सड़क पर गिरा दिये कि कोई और दुर्घटना ना हो सके साथ मे सूचना भी लिख दिये ।

शहर के तरफ से भी भूतिया सड़क को बंद करवा दिया गया । दुसरा सड़क बिलकुल अच्छे से बनाया गया था ।

और वहा से आना जाना शुरु हो गया साथ मे वहा किसी प्रकार का दुर्घटना जैसा कोई संभावना नही था । जबकि भूतिया सड़क पुरी तरह से मतलब हमेशा – हमेशा के लिये बंद हो गया ।   

भूतिया पेड़ ( Bhoot Wali Kahani and Video ) 

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एक रोनकपुर नाम का छोटा सा गांव था । गांव का राजा रोनकसिन्ह जो हमेशा अपने प्रजा की रक्षा करता था ।

एक दिन की बात है एक गीध नाम का पक्षी जो भूतिया पेड़ का बीज लेकर उड़ रहा था ।

जब वह गीध रोनक पुर गांव से गुजरा तो अचानक मे बीज उसके मुँह से गिरकर गांव के बीचों – बीच मे जाकर गिर गया ।

और वह बीज तुरंत दुसरे दिन एक पौधा बन गया । गांव वालो की नजर उस पौधे पर पड़ी क्योकि वह पौधा काला कलर का था तो उन्हे लगा की होगा कोई खर पतवार होगा ।

उसके दुसरे दिन ही वह पौधा और बड़ा हो गया । गांव वाले आश्चर्यकित हो गये कि कल ही ये छोटा सा पौधा था और आज भर मे इतना बड़ा हो गया ।

एसे ही बात – बात मे गांव वाले भूल गये । लेकिन वह पौधा तिसरे दिन एक काला पौधा एक पेड़ का रूप धारण कर लिया ।

इस बात को लेकर पुरे गांव मे हलचल मच गया की तीन दिन मे इतना बड़ा पेड़ उग गया ।

इस बात के बारे मे गांव वाले राजा के पास किये । राजा भी एक दिन रुके रहे ।

चौथे दिन वह पेड़ और भी बड़ा हो गया । सभी गांव वाले उस भूतिया पेड़ को देखते के देखते ही रह गये ।

राजा तुरंत उस जगह पहुँचे और देखे तो वह पेड़ बहुत बड़ा हो गया था ।

भूतिया पेड़ की कहानी

राजा ने हुक्म दिये की जो इस पेड़ को खत्म करेगा उसे एक हजार सोना महोर ईनाम के रूप मे और मेरे बाद का राजा बनेगा ।

सभी मंत्री अपना – अपना तरकीब लगाने लगे । कई मंत्री पेड़ के पास आग लगाये लेकिन पेड़ को कुछ नही हुआ ।

एक मंत्री भूतिया पेड़ को हाथीयो से खिचवाया लेकिन भूतिया पेड़ को कुछ भी नही हुआ ।

उसी गांव मे एक समझदार व्यक्ति रहता था जब उसे इस बात के बारे मे पता चला तो वह अपने गुरु से भूतिया पेड़ के बारे मे पुछने चला गया ।

गुरु जी ने उसे उसके समाधान के बारे मे बताया । और कहा :- उस पेड़ को खत्म करने के लिये उसके आस – पास नमक डालना पड़ेगा ।

वह व्यक्ति समय से पहले राजा को इस बात के बारे मे बताया तो तुरंत राजा सैनिकों को हुक्म दिया और खुब जत्था भर नमक लाकर भूतिया पेड़ के आस पास डाल दिया गया ।

कुछ ही समय मे पेड़ का आकार कम होने लगा और पाँचवें दिन वह पेड़ एकदम छोटा हो गया और गल गया ।

राजा उस व्यक्ति के तरकीब से खुश हुए और उसे एक हजार सोना महोर ईनाम के रूप मे और अपने बाद का राजा उसे बनाने का वचन दिये ।

भूतिया कुँआ ( Horror Well )

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एक केशवपुर नाम का गांव था ।

गांव मे ज्यादातर खेती करने वाले किसान रहा करते थे ।

गांव मे केवल दो कुँआ था । जिसमे से एक कुँआ पुरी तरह सूख चुका था ।

दुसरे कुँआ ही था जो गांव वालो का सहारा था ।

परंतु कुछ दिनो से गांव वालो को दुसरे कुएँ मे भूत के रहने का अनुभव हो रहा था ।

गांव के किसान जब भी पानी भरने जाते थे तब उन्हे कुएँ से आवाज सुनाई देता था ।

गांव कि स्त्रियाँ डर से पानी भरने नही जाते थे ।

धीरे – धीरे कुएँ को भूतिया कुँआ कहने लगे और रात मे कोई कुएँ के पास जाता नही था ।

एक दिन एक बच्चे के गुम होने का खबर मिला ।

गांव वाले खुब ढूँढे लेकिन बच्चे का कोई खबर नही मिला ।

गांव वाले कुएँ मे देखा तो कुएँ मे बच्चा मिला । बच्चा मर चुका था ।

इसके साथ साथ कुएँ का पानी भी खराब हो गया था ।

गांव वालो ने एक और कुँआ खोद लिया ।

एव कुएँ मे पानी भी मिल गया ।

गांव के बच्चे भूतिया कुएँ के तरफ खेल रहे थे ।

कि तभी  एक और बच्चे के कुएँ मे गिरने का आवाज आया ।

सभी गांव वाले घबरा गये ।

गांव वाले दौड़ते – दौड़ते कुएँ के तरफ आये और देखा तो एक और बच्चा मरा मिला ।

भूतिया कुँआ की कहानी

बच्चों से पूछा गया तो बच्चे बताये कि हम सब साथ खेल रहे थे

कि मेरा दोस्त कुए मे पानी देखने गया था कि अचानक मे कुएँ मे गिर गया ।

गांव वाले तुरंत भूत भगाने वाले तांत्रिक को बुलाया ।

तांत्रिक ने मंत्र द्वारा भूत को सामने लाया ।

तांत्रिक बाबा ने भूत को जाने के लिये कहा लेकिन भूत ने मना कर दिया

और कहा :- ये मेरे परदादा का कुँआ है में इसे नही छोड़ सकता ।

तांत्रिक ने गांव वालो को कहा :- आप लोग इस कुएँ को ढक दो जिससे कुछ नही होगा ।

तुरंत दुसरे दिन गांव के मुखिया ने सीमेंट , रेत से कुएँ पर जाली डालकर ढक दिया ।

जिससे कोई दुसरा दुर्घटना न हो ।

दुबारा एसा कोई दुर्घटना नही हुआ । और गांव मे वापस शन्ति आ गयी ।

 

Read Real Horror Story in English 

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It is a matter of Dishakpur city. Where there was a house that was very old. The house was bought by many people. But he died due to some of the other incidents.

One day, a person named Kabir bought that house, he too was very cheap and started living with his son Raj.

It was only a couple of days before he bought a house that Kabir started feeling like someone was in the house.

On the third day, once the raj said: – Daddy washroom tap automatically turned on and off.

Kabir asked: – is anyone there?

Raj: – Yes, my father was a sari-clad woman and then the politician said,

Papa, that woman is standing behind you.

Kabir: – What is she doing right now.

Haunted Houses Story in English

Raj: – She is going ahead.

Kabir gets scared and comes to Raj. On the same day, Kabir bought a dog and brought it.

Kuta also used to eat here after coming home.

On the fourth day, it started raining heavily and there was a storm.

The door of Kabir house closed the window.

At the same time, electricity was also lost. Back in the house, the sari-woman’s food started.

Kabir scared open the window.

And when I looked outside, everyone’s house was electric, but it was not his house.

When Kabir went to the powerhouse under the house with a flashlight, his dog started barking after him.

When Kabir opened the door of the powerhouse, he saw a dead body there. Kabir got scared and immediately ran away from there and closed

Read Haunted Houses Story with Images

the door of the house with his son Raj and started running from the house.

The rains were raining heavily, Kabir, running away with his son Raj, got stuck on a pit.

Raj wanted to leave Kabir but someone was dragging him. Raj Khub tried. Could not remove

Somebody went home with Raj and the dog and closed the door.

It took Kabir five minutes to leave.

When he went back home, the door was open. Kabir finds Raj and the dog,

but he does not see Raj and the dog anywhere. Kabir stayed in the same house.

A customer came to Kabir’s house to pass Kabir’s loan.

He immediately ran away and Kabir came out and asked: – Why did you come out brother?

Customer: – A woman and a dog appeared at your house.

 

The Ghost of the Road

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New ghost story in English:-

There was a village named Shekharpur and there was more forest in the village than habitation.

There was a cemetery near the village. Where people used to bury the dead.

The villagers had not even go through the road to that cemetery.

Because some ghost used to roam near that cemetery at night and many voices used to come.

A farmer named Sonuram lived in the village whose farm was close to the cemetery.

People forbade him to go there, but he used to plow his field

every day and before dusk he used to come back to his house in his bullock cart.

You all know that there are mostly ghosts in the village and people also believe in ghosts.

There is no electricity facility in the village that anyone can leave the house at night.

That is why no one used to leave his house at night.

The Ghost of the Road Story in English

Once an incident occurred. One day Sonuram was plowing his field.

The work in the field was so much that they use to plow the fields and became night.

He thinks I have done so much work, I do a little more work and then I will go home.

Thinking this, he started working more.

It was suddenly night while working. Sonu ram got worried that how will he go home now.

And immediately ready his luggage and started going by bullock cart.

There was a cemetery on the way.

When he looked in the cemetery many ghosts were walking there. Sonu ram began to move his bullock cart more quickly.

When they reached a little distance from the cemetery, they saw a woman on the way.

The woman immediately approached Sonuram and said: – Will you take me to your village.

Sonu ram said: – Sit down.

The woman sits down, Sonuram takes the

bullock cart just a few minutes away that the bullock cart starts moving slowly.

As if someone is holding it. When Sonu ram looked back, the same woman was standing holding the bullock cart.

His face was like a ghost and both his legs were thick like an elephant’s feet.

Sonu ram understood that it is a ghost.

Sonu ram got a little scared and immediately threw

the wood in his hand and hit the ghost and loudly the ghost disappeared.

And Sonu ram immediately came home fast with the bullock cart.

And from the second day, he started working in agriculture and came quickly.

 

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