Jadui Chakki

Jadui Chakki:- Friends, here you will get to read the story of the Jadui chakki. Most of us search on google the story of the Jadui chakki but you find videos of YouTube but the story cannot be found, but I have brought a story for you which you will like. Here you can read the Jadui chakki story in Hindi. You also watch the story on Youtube.

जादुई चक्की की कहानी ( Jadui Chakki )

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एक कनक पुर नाम का गांव था जहा भोला और श्यामु नाम के दो भाई रहा करते थे ।

भोला स्वभाव मे ईमानदार और समझदार था जबकी श्यामु स्वभाव मे मुर्ख और लालची था ।

पिता जी के मृत्यु के बाद दोनो के बीच बँटवारा हो गया था । श्यामु होशियारी करके भोला को कम हिस्सा ही देता है और खुद  ज्यादा संपति ले लेता है ।

लेकिन भोला कुछ नही बोलता है । भोला जंगल से लकड़ी काटकर अपना गुजारा चलाता था ।

जबकि श्यामु अमीर था इसलिये वह कुछ नही करता था बस अपने घर रहकर केवल आराम करता था ।

एक दिन भोला जंगल मे लकड़ियाँ काटने गया था तब उसे रास्ते में एक बूढ़ा आदमी के चीखने का आवाज सुनायी दी ।

जब जा के देखा तो बूढ़ा आदमी पेड़ के नीचे फसा था । भोला बूढ़े आदमी को पेड़ के निचे से निकालता है और उन्हे अपने घर लेकर आता है ।

बूढ़ा आदमी को जब आराम आता है तो वह देखा कि भोला बहुत गरीब था तो वह बूढ़ा आदमी भोला को एक नीलमणि देता है और बोलता है कि इसे बाजार मे उसे ही बेचना जिसे इसकी जरुरत हो ।

भोला नीलमणि ले लेता है और बूढ़ा आदमी को उसके घर तक पहुचा देता है और वही से बाजार निकल देता है ।

बाजार मे एक व्यक्ति चक्की लेकर खड़ा रहता है वह व्यक्ति जब भोला के हाथ मे नीलमणि देखता है तो भोला को बुलाता है ।

जादुई चक्की की कहानियां हिंदी में ( Jadui Chakki)

भोला उसके पास आता है ।

व्यक्ति भोला से कहता है :- मुझे ये नीलमणि दो मै तुम्हें ये जादुई चक्की(Jadui chakki) दुंगा ।

भोला :- क्या तुम्हे नीलमणि की जरुरत है ???

व्यक्ति :- हां मुझे जरुरत है ।

भोला उसे नीलमणि दे देता है और चक्की ले लेता है । वो व्यक्ति बोलता है ।

व्यक्ति :- सुनो तुम्हे जो चाहियें वो बोल देना ये चक्की तुम्हे तुरंत दे देगा । जब तुम्हारा जरुरत पुरी हो जाये तो इसे सफेद कपड़े से ढँक देना ।

भोला घर लाता है और चक्की से कहता है ।

भोला :- चक्की मुझे चावल दो

तुरंत चक्की से चावल निकलने लगता है । जैसे ही जरुरत पुरी हो जाती है तो भोला उसे सफेद कपड़़े से ढँक देता है ।

उसके बाद भोला और उसकी पत्‍‌नी पेट भर कर खाना खाये । दुसरे दिन से भोला चक्की से मांगता और बाजार मे बेच कर पैसे कमाने लगा ।

जादुई चक्की की कहानियां बच्चों के लिए

धीरे – धीरे भोला की आर्थिक स्थिति अच्छी होने लगी । और वह अमीर होने लगा ।

उसका भाई सोचने लगा कि मेरा भाई कैसे अमीर होने लगा जरूर चाल है । एक दिन श्यामु भोला के घर छुपकर खिड़की से देखने लगा ।

श्यामु ने देखा कि चक्की से भोला जो मांगता वो तुरंत निकल रहा था । श्यामु समझ गया की भोला के अमीर होने का कारण ये चक्की है ।

एक दिन रात के समय श्यामु अपने भाई भोला के घर से चक्की चुरा लिया और अपने घर लेकर आ गया ।

उसकी पत्नी गुस्से से पूछी :- तुम दुसरे के घर से चोरी क्यो किये ।

श्यामु कुछ नही बोलता है और एक खाली कमरे मे चला जाता है उसकी पत्नी गुस्से मे आकर बाहर से दरवाजा बंद करके चली जाती है ।

कमरे मे लाकर श्यामु चक्की से बोलता है चक्की( Jadui chakki ) मुझे सोना चाहिये कि तुरंत सोना निकलने लगता है

और कुछ समय मे सोना ही सोना से कमरा भर जाता है श्यामु चक्की ( Jadui chakki ) को रोकता है लेकिन चक्की बंद नही होती है ।

दरवाजा बंद होने से श्यामु निकल नही पाता है और वही दब कर मर जाता है ।

इस प्रकार श्यामु को उसके कर्म का फल मिल जाता है 

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Jadui Chakki Story in Hindi

सोने की गुफा “Golden Cave”

सोने की गुफा

 

एक दूसरे गाँव का व्यापारी धर्मपुर गाँव में घूमने बैलगाड़ी से आया था । धर्मपुर गाँव खूब बड़ा एवं सुंदर था । बरसात का मौसम था । व्यापारी गाँव के कच्ची सड़क से आ रहा था कि रास्ते मे उसका बैलगाड़ी एक नाले मे फंस गया । बैल उसे निकाल नही पा रहे थे ।

व्यापारी उतर कर बैलगाड़ी को निकाला तो उसका हाँत खराब हो गये । वही नदी था व्यापारी नदी के पानी से जब हाँत धोने गया तो उसे पानी चमकता हुआ दिखाई दिया । जब व्यापारी पानी को गौर से देखा तो उसमें सोना चमक रहा था । व्यापारी सोचा “शायद यहां कोई गुफा है जहां से ये सोना-पानी आ रहा है । ” व्यापारी नदी के बहने कि दिशा के तरफ चल पड़ा ।

कुछ आगे जाने के बाद उसे एक विशाल गुफा दिखाई दिया जिसे देख व्यापारी चौक गया । नदी का पानी गुफा के तरफ से बह रहा है । व्यापारी गुफा के अंदर गया और देखा तो गुफा के अंदर आसपास कंकाल पड़े थे । व्यापारी और अंदर गया तो देख कर चौक गया ।

सोने की गुफा की कहानियां हिंदी में बच्चों के लिए

क्योकि अंदर सोना ही सोना था जहां देखो वहां सोना था । मानो सोने का भंडारा भरा हुआ था । वही एक खूब बड़ा साँप सोया था जो व्यापारी को दिखाई नही दिया । व्यापारी को लालच आ गयी । वह सोना ले जाना चाहता था ।

वह तुरंत वापस गांव आया तो रास्ते मे ऊसे कुछ डाकू हथियार लिये दिखाई दिये । वो व्यापारी को पकड़े और सोना माँगें । व्यापारी सोने की गुफा के बारे मे सब बता दिया और उनकों अपने साथ लेकर वहा गया ।

डाकुओं ने सोने की गुफा को देखा तो उन्हें लालच आ गया ।

व्यापारी ने कहा :- हम सभी इसको अपने – अपने हिस्सों मे बाँट लेंगे ।

डाकुओं ने ज्यादा पाने के लालच मे व्यापारी को मार डाला । और बोरा लेकर सोना भरने लगे सोना भरने के आवज से वहा का साँप उठ गया जेसे डाकू वहा से भागने लगे की बड़ा साँप क्रोध मे आकर सभी को मारकर खा गया ।

इस प्रकार वह गुफा एक रहस्य बनकर रह गया ।    

आलसी भाई ” Lazy Brother”

आलसी भाई

एक भरतपुर नाम का गांव था जहा दो भाई रहा करते थे जिनका नाम राम और श्याम था । राम स्वभाव मे समझदार एव ईमानदार था । जबकि श्याम स्वभाव मे आलसी एव मूर्ख था । दोनो भाई अलग अलग घर मे रहते थे ।

जब तक पिताजी थे तब तक साथ रहते थे जैसे पिताजी कि मृत्यु हो गया तो दोनो अपने अपने हिस्से लेकर अलग अलग रहने लगे । आठ भैस थी उसे भी चार चार मे बँटवारा कर लिये ।

खेती का भी बँटवारा कर लिया था । लेकिन श्याम राम से ज्यादा खेत हड़प लिया था ।  फिरभी राम कुछ नही बोलता है । राम रोज अपने भैसों को चारा खिलात और दुध बेचकर पैसे कमाता जबकि श्याम अपने दो भैसो को बेच देता है और दो भैसो का ख्याल भी नही रखता है । 

धीरे- धीरे राम अच्छा सा घर भी बनवा लिया था । लेकिन यहा श्याम गरीब से और गरीब होता जा रहा था । वह अधिक गरीबी सहन नही कर पाया तो अपने बचे दो भैसो को भी बेच देता है | धीरे‌ – धीरे राम के पास आठ भैस हो गये । और राम का घर भी बड़ा हो गया ।

आलसी भाई की कहानियां हिंदी

राम और अमीर हो गया । यहा श्याम की गरीबी बढ़ती जा रही थी । गरीबी के कारण श्याम को घर बेचने की नौबत आ गयी थी । श्याम मदद के लिये राम के पास गया और कहा भाई मे गरीब हो गया हुँ । कृपया मेरी मदद करो ।

राम ने श्याम को समझाया की आलस्य करने से कुछ नही मिलेगा । आलस्य व्यक्ति का शरीर नाकाम कर देता है । श्याम समझ जाता है और कहता है कि मे अब खूब महेनत करुंगा । राम अपने भाई श्याम को तीन भैस दे देता है । और कहा :- तुम इन भैसो को चारा खिलाकर और दुध बेचकर पैसे कमओ ।

जब पैसे हो जाए तो मुझे इन भैसो का पैसे दे देना । श्याम दुसरे दिन से काम करना शुरु कर देता है । धीरे‌ – धीरे श्याम कि भी आर्थिक परिस्थी सुधर जाती है और वह भी अमीर हो जाता है ।

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Magical Mill Story for Kids

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There was a village named Kanaka Pur where two brothers named Bhola and Shyamu lived.
Bhola was honest and intelligent in nature while Shyamu was foolish and greedy in nature.
After the death of the father, there was a split between the two. Shyamu cleverly gives Bhola less share and gets more wealth himself. 

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But Bhola does not say anything. Bhola used to cut wood from the forest.
While Shyamu was rich, he did not do anything, just staying at his house and resting only.
One day Bhola went to cut wood in the forest, then he heard an old man screaming on the way.
The old man was trapped under the tree when he saw it. Bhola removes the old man from the bottom of the tree and brings them to his house.

New Hindi Moral of Daddy Chakki

When the old man gets rest, he sees that Bhola was very poor, then the old man gives Bhola a sapphire and says that he should sell it in the market only to those who need it.
Bhola takes the sapphire and gives the old man access to his house and leaves the market from there.
In the market, a person stands with a mill and when a person sees a sapphire in Bhola’s hand, he calls Bhola.

Bhola approaches him.

The person tells Bhola: – Give me this sapphire, I will give you this magic mill(Jadui Chakki).
Bhola: – Do you need sapphire?
Person: – Yes I need.
Bhola gives him the sapphire and gets the Magical mill. That person speaks

Magical Mill Story in English ( Jadui Chakki )

Person: – Listen, you can say whatever you want, this Magical mill will give it to you immediately. When your needs are fulfilled then cover it with a white cloth.
Bhola brings the house and asks the mill.
Bhola: – give me rice, mill
The rice immediately starts coming out of the mill. As soon as the need is fulfilled, Bhola covers it with a white cloth.
After that Bhola and his wife should eat their food full. From the second day, Bhola asked for a mill and started making money by selling it in the market.
Gradually, Bhola’s economic condition started getting better. And he started getting rich.
His brother started thinking that how my brother started getting rich is definitely a trick. One day Shyamu started looking at Bhola’s house through the window.

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Shyamu saw that what Bhola had asked for from the mill(Jadui chakki) was leaving immediately. Shyamu understood that this is the reason for Bhola getting rich.
One day at night, Shyamu stole a mill from his brother Bhola’s house and brought it to his house.
His wife angrily asked: – Why did you steal from another house.

Shyamu does not speak anything and goes to the empty room. His wife gets angry and leaves the door from outside.
Shyamu brings the room and talks to the mill, the mill that I want to sleep, that immediately the gold starts coming out
And sometimes gold fills the room with gold, Shyamu closes the mill but the mill does not stop.
With the door closed, Shyamu is unable to leave and he dies after being buried.
In this way, Shyamu gets the fruits of his deed.

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