Jadui ped

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Jadui Ped ki Kahaniya

 

jadui ped

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Jadui Ped ki Kahani in Hindi

jadui ped ki kahani in hindi

एक रमनपुर नाम का गांव था । गांव के बिलकुल मध्य मे एक पेड़ था जो जादुई पेड़(Jadui ped) था ।

वह पेड़ बहुत घना और बड़ा था ।

उस पेड़ पर सभी पेड़ों के फल उगते थे मतलब उस जादुई पेड़ पर सभी पेड़ के फल उगते थे ।

गांव वाले उस जादुई पेड़ से जो मांगते थे वह पेड़ दे देता था ।

पुरे गांव वालो की मांग वह जादुई पेड़ पुरा करता था लेकिन गांव वाले उस जादुई पेड़ (Jadui ped) की रक्षा भी करते थे और पेड़ पर रोज समयसर पानी देते साथ मे उसका ख्याल भी रखते थे ।

जादुई पेड़ गांव वालो को खुश रखने के लिये मीठे – मीठे फल देता था ।

धीरे – धीरे जादुई पेड़(Jadui ped) कि चर्चा दुसरे गांव तक फैल चुका था।

दुसरे गांव वाले उस पेड़ से मांगकर ले जाने लगे ।

रमनपुर गांव वालो को ये पसंद नही था कि पेड़ कि रक्षा हम करे और पेड़ से फल दुसरे गांव वाले लेकर जाये ।

रमनपुर वालो ने दुसरे गांव वालो को मना कर दिया । दुसरे गांव वालो को ये अच्छा नही लगा ।

दुसरे गांव वालो ने बदला लेने का सोचे और अपने गांव के मशहुर चोर को जादुई पेड़ के बारे मे बताया और उस पेड़ को काट देने के लिये कहा और काटने पर सौ सोनामहोर भी देने कि बात किये।

जादुई पेड़ की कहानी हिंदी में

चोर राजी हो गया और जादुई पेड़ को काटने का योजना बनाया और रात मे रमनपुर गांव मे चल पड़ा ।

रात को अंधेरे मे चोर जादुई पेड़ के पास हथियार लेकर पहुँच गया लेकिन दो गांव वाले पहरा दे रहे थे ।

थोड़े देर मे जब गांव वाले पेड़ के पास से चले गये

चोर सोचा ( मैं इस जादुई पेड़ से सोना मांगता हु अगर दे दिया तो मै तो और अमीर हो जाउंगा )

यह सोच चोर जादुई पेड़(Jadui ped) से कहा :- मुझे सोना चाहियें ?

पेड़ नही देता है  

चोर पेड़ को काटता है कि तुरंत पेड़ से बड़े – बड़े फल जैसे पपीता, आम चोर पर  गिरने लगते है । और चोर वही पर बेहोश हो जाता है । गांव वाले चोर को पकड़ लिये और खुब पीटे।

चोर को सरपंच के पास ले गये । सरपंच ने चोर को पुलिस के हवाले कर दिया ।

ऊँट के पीठ पर पैर की कहानी हिंदी में

ut ke pith par pair ki Kahani in Hindi

एक समरगढ़ नाम का राज्य था जहां का राजा शक्तिसिन्ह था जो राजा हमेशा अपने दरबार मे कुछ न कुछ नया सवाल उठाता और उसका जवाब मंत्रियों से मांगता था ।

वह राजा हमेशा की तरह नया – नया सवाल अपने दरबार मे प्रस्तुत किया करते थे और सवाल का सही जवाब देने वाले को बहुत बड़े – बड़े उपहार दिया करते थे ।

इस प्रकार एक घटना हुई । एक बार राजा अपने दरबार मे एक प्रश्न पुछे कि सबसे बड़े पशु का नाम क्या है ।

तो दरबारियों ने बताया ऊँट । इतने मे राजा के मन मे एक प्रश्न आया और राजा तुरंत हुक्म देकर ऊँट को दरबार मे प्रस्तुत किया गया और कहा

राजा :- जो इस ऊँट के पीठ पर पैर रखेगा मैं उसे एक हजार सोना महोर ईनाम के रूप में दुंगा ।

ऊँट के पीठ पर पैर

दरबार मे इस बात को लेकर हलचल मच गयी और सभी दरबारी सोच रहे थे कि ये कैसे होगा ।

राजा हँसते – हँसते बोले :- है किसी मे हिम्मत जो ऊँट के पीठ पर पैर रख कर दिखाये ।

वही दरबार मे एक सेवक का लड़का खड़ा था वह भी हँस रहा था । राजा ने उसे देखा तो उन्हे अच्छा नही लगा ।

राजा तुरंत उस लड़के को दरबार के बीच मे पेश किया और हँसने का कारण पुछा तो

सेवक के पुत्र हँसते – हँसते कहा :- महाराज ये काम तो बहुत सरल है ।

फिर सेवक के पुत्र ने कहा :- महाराज इसमे और कोई शर्त तो नही है ?

महाराज :- नही इसमे और कोई शर्त नही है ।

लड़के ने तुरंत ऊँट के पास गया और उसके कान मे ज…. ज…. ज….( ऊँट को बैठाने के लिये उपयोगी शब्द )कहा तो तुरंत ऊँट बैठ गया

और सेवक का पुत्र ऊँट के पीठ पर पैर रख कर राजा के प्रश्न को पुरा किया ।

राजा उसके चालाकी पर बहुत खुश हुए । और सेवक के पुत्र को एक हजार सोना महोर ईनाम के रूप में दिये और उस अपने दरबार का ख़ास मंत्री भी बना दिया ।

लालची भोगु

Kahani Hindi

शिवपुर गांव मे एक भोगु नाम का लालची व्यक्ति रहता था । वह हमेशा पैसा बचाने के चक्कर मे रहता था ।

भोगु के लालच के कारण कोई पड़ोसी उससे संबन्ध नही रखते थे । भोगु अपना खुद का कपड़ा तक नही खरीदता था ।

दुसरे के यहा शादी होता था तो तुरन्त घर का भोजन बचाने के चक्कर मे शादी मे चला जाता ।

शादी का निमंत्रण नही मिलता फिर भी शादी मे जाता था । एक बार अमीर घर पर शादी था जहा से  भोगु को निमंत्रण मिला था ।

भोगु जानता था कि अमीरो के घर शादी का मतलब छप्पन भोग खाने को तो मिलेगा ही ।

भोगु अपने पत्नी से कहा :- जल्दी से मेरा नया कपड़ा निकाल दो मै शादी मे जा रहा हु ।

पत्नी ने कहा :- आपका कोई कपड़ा नही है ।

लालची भोगु की कहानी हिंदी में

भोगु ने कोई कपड़ा खरीदा ही नही था तो मिलेगा कहा से ।

भोगु तुरंत अपने दोस्तो को फोन करके एक – एक समान मंगवाया ।

एक दोस्त को फोन करके कुर्ता मंगवाया, दुसरे दोस्त को फोन करके शर्ट मंगवाया और तिसरे दोस्त को फोन करके चप्पल मंगवाया ।

इस प्रकार भोगु सभी वस्तु मंगवाकर इकट्ठा कर लिया और पहनकर तैयार हओ गया ।

भोगु तैयार होकर जैसे ही घर से बाहर निकला कि तुरंत दो – चार कुत्ते घेर लिये और दौड़ा लिये ।

भोगु बहुत तेज भागने लगा फिर भी कुत्ते दौड़ा रहे थे । दौड़ते – दौड़ते भोगु गिर गया । भोगु का कुर्ता फट गया, सिर का पगड़ी वाला टोपी भी गिर गया और चप्पल तो पुरी तरह टूट गया ।

फटे हुए स्थिति मे जब भोगु शादी मे पहुँचा और देखा तो शादी मे रहे सारे लोग केवल उसे ही देख रहे थे ।

भोगु ने जिसका – जिसका कपड़ा लिया था वे सभी केवल भोगु को देख रहे थे ।

भोगु को शर्म आने लगा वह समझ गया और वह खुद के भूल का पश्चाताप होता है ।

तब से भोगु दुबारा लालच करना बंद कर दिया ।

 

Magical Tree Story for kids in English

Jadui ped ki Kahani in Hindi

There was a village named Ramanpur. In the very center of the village was a tree which was a magical tree(Jadui ped). The tree was very dense and large.

The fruits of all the trees grew on that tree, meaning the fruits of all the trees grew on that magical tree. The villagers gave the tree what they asked for from that magical tree.

the magical tree used to fulfill The villager’s wish, but the villagers also protect that magical tree (Jadui ped) and used to take care of the tree every day by giving water regularly.

The magical tree used to give sweet fruits to keep the villagers happy.

Gradually, the discussion about the magical tree (Jadui ped) had spread to another village.

People from other villages started asking and taking it from that tree.

The people of Ramanpur village did not like that we should protect the tree and the other villagers take the fruit from the tree.

Jadui ped ki Kahani in English

The Ramanpur people refused the other villagers. the other villagers did not like answer of ramanpur

The other villagers thought of taking revenge and told the famous thief of his village about the magical tree and asked him to cut down the tree and also gave a hundred gold coins.

The thief agreed and planned to cut down the magical tree and went to Ramanpur village at night.

In the dark in the night, the thief reached near the magical tree with a weapon, but two villagers were guarding. After a while, the villagers left the tree and they did go for drink water

Thief thought (I ask for gold from this magical tree, if given, I will become richer)

Thief said to the magical tree (Jadui ped): – I Should gold?

The tree does not give him gold

As soon as the thief goes to cut the tree that immediately large fruits like papaya, mango from the tree fall on the thief’s head.

And the thief faints at the same. The villagers caught the thief and beat him.

the villagers took the thief to the chief of the village.

The chief of the village handed the thief over to the police.

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